भोपाल। भोपाल में अयोध्या बायपास चौड़ीकरण के दौरान काटे गए हजारों पेड़ों की भरपाई के लिए नगर निगम ने बड़े स्तर पर हरित अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और शहर में हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से निगम ने 85 हजार पौधे लगाने की योजना बनाई है। इस परियोजना पर करीब 6.80 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मानसून से पहले शुरू होने वाला यह अभियान न केवल कटे पेड़ों की क्षतिपूर्ति करेगा, बल्कि शहर के तापमान को नियंत्रित करने और वायु गुणवत्ता सुधारने में भी अहम भूमिका निभाएगा। नगर निगम ने इसके लिए छह प्रमुख स्थलों का चयन किया है और अलग-अलग टेंडर जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल भोपाल को अधिक हरित और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
अभियान के तहत आदमपुर खंती, ज्यूडिशियल एकेडमी, स्टेट डेयरी फार्म, कलियासोत डैम, एयरपोर्ट साइट और बैरागढ़ बस डिपो सहित छह स्थानों को चिन्हित किया गया है। इन सभी स्थानों पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा, जिससे शहर के अलग-अलग हिस्सों में हरित क्षेत्र विकसित हो सके।
अयोध्या बायपास के चौड़ीकरण के दौरान करीब आठ हजार पेड़ों में से पांच हजार से अधिक पेड़ काटे गए थे। इन्हीं की क्षतिपूर्ति के लिए यह पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है, ताकि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखा जा सके।
नगर निगम ने इस परियोजना के लिए छह अलग-अलग टेंडर जारी किए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जून-जुलाई में पौधारोपण का कार्य शुरू किया जाएगा। यह पूरा अभियान मानसून के अनुकूल समय में संचालित किया जाएगा।
इस परियोजना की खास बात यह है कि केवल पौधे लगाने तक ही सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उनके तीन वर्षों तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय की गई है। कुल 42 महीने की समयसीमा में पौधों की देखरेख सुनिश्चित की जाएगी, जिससे उनकी जीवित रहने की संभावना बढ़े।
विशेषज्ञों के अनुसार, इतने बड़े स्तर पर पौधारोपण से शहर के तापमान में कमी आएगी, वायु गुणवत्ता सुधरेगी और जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल नागरिकों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में मदद करेगी।