अमेरिकी एयरबेस को उड़ाने से 2 मिनट दूर थे ईरानी बॉम्बर्स, कतर ने कैसे Su-24 फाइटर जेट्स को गिराया?

Updated on 05-03-2026
दोहा: कतर में ईरानी बॉम्बर्स को अमेरिकी एयरबेस पर हमला करने से ठीक दो मिनट पहले मार गिराया गया। सीएनएन ने जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से इस ऑपरेशन के बारे में कुछ बड़ी बातें बताई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोवियत मूल के दो Su-24 टैक्टिकल बॉम्बर अल-उदीद एयर बेस पर हमला करने के लिए भेजे थे।

ये मिडिल ईस्ट में अमेरिका का सबसे बड़ा एयरबेस है। जहांआमतौर पर करीब 10,000 अमेरिकी सैनिक रहते हैं। ये एयरक्राफ्ट रास लफान के पास भी पहुंच रहे थे जो कतर की इकॉनमी के लिए एक बड़ी नैचुरल गैस प्रोसेसिंग फैसिलिटी है और बहुत काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है।

कतर की सेना ने बॉम्बर्स को मार गिराया

सीएनए से घटना की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया है कि जब कतरी सेना ने बॉम्बर्स को मारा उस वक्त तक वो अपने टारगेट से सिर्फ 2 मिनट की दूरी पर थे। एक और सोर्स ने कहा कि एयरक्राफ्ट को देखकर पहचाना गया और उनकी तस्वीरें ली गईं। ये जहाज बम और गाइडेड हथियारों से लैस थे।
कतरी सेना ने रेडियो पर चेतावनी दी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सूत्र ने कहा कि जेट लगभग 80 फीट की ऊंचाई तक नीचे आ गए थे और ऐसा लगता है कि रडार की पकड़ से बचने के लिए उन्होंने ऐसा किया था।

सूत्रों ने बताया है कि समय बिल्कुल नहीं था और मौजूद इंटेलिजेंस के आधार पर एयरक्राफ्ट को दुश्मन माना गया। सोर्स के मुताबिक इसके बाद कतर ने फाइटर जेट भेजे और एक कतरी F-15 ने ईरानी प्लेन से हवाई लड़ाई की और फिर उन्हें मार गिराया। ईरानी एयरक्राफ्ट कतर के पानी में क्रैश हो गया। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कहा कि विमान में सवार क्रू की तलाश में सर्च ऑपरेशन चल रहा है।

कतर ने कहा- युद्ध भड़काने वाली हरकत

अमेरिका के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने बुधवार को पेंटागन ब्रीफिंग के दौरान इस घटना की पुष्टि की है। हालांकि उन्होंने ईरानी एयरक्राफ्ट के टारगेट के बारे में नहीं बताया। केन ने कहा कि "कतरी फाइटर्स ने पहली बार अपनी लोकेशन पर जा रहे दो ईरानी बॉम्बर्स को मार गिराया है।"

वहीं बुधवार को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ एक फोन कॉल मे कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने इस घटना को एक युद्ध भड़काने वाली कार्रवाई बताया। जिससे पता चलता है कि तेहरान का टेंशन कम करने का कोई असली इरादा नहीं था।

ईरान ने खाड़ी देशों पर 400 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं

ईरान लगातार अमेरिका, इजरायल या मिडिल ईस्ट के देशों पर हमला करने के लिए मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है लेकिन इस बार उसने अपने बॉम्बर्स भेजे थे। जो उसके टेक्टिक्ट्स में आए एक दुर्लभ बदलाव को दिखाता है।

वहीं अरब देशों से मिली अलग अलग रिपोर्ट्स के मुताबिक लड़ाई शुरू होने के बाद से ईरान ने फारस की खाड़ी के पास अरब देशों की तरफ 400 से ज्यादा एडवांस बैलिस्टिक मिसाइलें और 1,000 से ज्यादा ड्रोन लॉन्च किए हैं।

हालांकि ज्यादातर प्रोजेक्टाइल को रोक दिया गया है लेकिन कईयों ने अपना असर दिखाया भी है। रविवार एक हमले में अमेरिकी सर्विस मेंबर के 6 सदस्य मारे गये हैं। ये ईरानी हमला एयर डिफेंस को भेदकर कुवैत के शुआइबा पोर्ट पर एक अस्थाई ऑपरेशन सेंटर पर हुआ था।

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