दशहरा पर घूमने आए युवक की पुलिस हिरासत में मौत:परिजनों का आरोप- थाने में पीट-पीटकर मार डाला; ज्यूडिशियल जांच के आदेश

Updated on 20-10-2026

जबलपुर में दशहरा घूमने आए 24 वर्षीय आकाश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस उसे थाने ले गई थी, जहां उसके साथ मारपीट की गई। उनका दावा है कि पिटाई के कारण उसकी मौत हुई। वहीं, पुलिस का कहना है कि युवक नशे की हालत में था और थाने में बैठाने के कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। मामले में एसपी ने कोर्ट से ज्यूडिशियल जांच कराने का निवेदन किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।

आकाश शहपुरा का रहने वाला था। उसके परिवार का कहना है कि वह दशहरा पर घूमने जबलपुर आया था। सोमवार रात करीब 9 बजे महाकाली माता के दर्शन के दौरान वह मोबाइल से फोटो और वीडियो बना रहा था। इसी दौरान पुलिसकर्मी उसे पकड़कर लार्डगंज थाने ले गए।

भाई को सुबह छोड़ने की बात कही

आकाश के छोटे भाई विवेक चौधरी ने बताया कि वह सोमवार रात अपने भाई के साथ दशहरा घूमने आया था। रात करीब 9 बजे काली माता के दर्शन के दौरान आकाश भीड़ में फोटो और वीडियो बना रहा था। इसी दौरान पुलिसकर्मियों को शक हुआ कि वह नशे में है और वे उसे लार्डगंज थाने ले गए।

विवेक के मुताबिक, वह भी पीछे-पीछे थाने पहुंचा था। वहां उससे कहा गया कि वह घर चला जाए, सुबह उसके भाई को छोड़ दिया जाएगा। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब 4 बजे कोटवार ने फोन कर बताया कि आकाश की मौत हो गई है।

मां बोलीं- पुलिस ने मारपीट की

आकाश की मां ममता चौधरी ने बताया कि सोमवार दोपहर आकाश अपने छोटे भाई और दोस्तों के साथ जबलपुर आया था। रात करीब 9 बजे पुलिस उसे पकड़कर थाने ले गई। मां का आरोप है कि छोटा भाई थाने पहुंचा तो उसे वहां से भगा दिया गया। इसके बाद पुलिस ने आकाश के साथ मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई।

ममता ने कहा कि जब पुलिस आकाश को पकड़कर ले गई थी, तब उसके पास मोबाइल था। पुलिस चाहती तो रात में परिवार को फोन कर जानकारी दे सकती थी। उनका आरोप है कि सुबह आकाश की मौत होने और उसे अस्पताल ले जाने के बाद कोटवार को सूचना दी गई।

परिवार का कहना है कि आकाश को थाने ले जाते समय उसकी तबीयत ठीक थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अचानक ऐसा क्या हुआ कि उसकी मौत हो गई। ममता के मुताबिक, थाने की एक महिला पुलिस अधिकारी आकाश को पकड़कर ले गई थी। उन्होंने कहा कि आकाश कभी बीमार नहीं हुआ था और उसे बुखार तक नहीं आया था। ऐसे में पुलिस के हार्ट अटैक आने के दावे पर उन्होंने सवाल उठाए।

पुलिस बोली- तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले गए

सीएसपी अखिलेश गौर के मुताबिक, सोमवार रात गढ़ा फाटक में महाकाली माता के दर्शन चल रहे थे। इस दौरान कुछ लोगों के अभद्रता करने की सूचना मिली थी। इसके बाद समिति के लोगों ने सुरक्षा के लिहाज से एक युवक को पकड़ा और थाने ले आए। सीएसपी के अनुसार, युवक शराब के नशे में था और उसे थाने में बैठाया गया था।

सीएसपी ने बताया कि कुछ देर बाद युवक की तबीयत बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

कोर्ट से ज्यूडिशियल जांच का निवेदन

सीएसपी अखिलेश गौर ने बताया कि परिवार ने आकाश की मौत थाने में होने का आरोप लगाया है। इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। एसपी ने कोर्ट से मामले की ज्यूडिशियल जांच कराने का निवेदन किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया है और जांच की जा रही है।

सीएसपी ने थाने में मारपीट के आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि थाने में 16 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। कोर्ट जांच के दौरान जैसे चाहे, वैसे फुटेज की जांच कर सकता है।

परिजनों ने सड़क पर शव रखकर लगाया जाम

आकाश के परिजनों ने लार्डगंज थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी मौत पुलिस कस्टडी में हुई है। न्यायिक जांच के आदेश के बावजूद परिजन शव लेकर शहपुरा पहुंचे और जबलपुर-नरसिंहपुर रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया।

सूचना मिलने पर एसडीएम, एसडीओपी और शहपुरा थाना प्रभारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने नाराज परिजनों को समझाने का प्रयास किया।

परिजनों की मांग है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और शासन की ओर से मुआवजा दिया जाए। उनका कहना है कि आकाश परिवार का इकलौता बेटा था और पूरा परिवार उस पर आश्रित था।



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