मैत्री, बंधन और मिताली एक्सप्रेस फिर दौड़ेंगी? भारत-बांग्लादेश के बीच शुरू हुई बड़ी बातचीत

Updated on 08-09-2026
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच बंद पड़ी यात्री ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने की दिशा में बातचीत शुरू हो गई है। दोनों देशों के रेलवे अधिकारियों के बीच मंगलवार को ढाका में तीन दिवसीय बैठक शुरू हुई। इस बैठक में दोनों देशों के बीच यात्री रेल सेवाओं को बहाल करने और इससे जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।

बांग्लादेश रेलवे के अतिरिक्त महानिदेशक (ऑपरेशंस) मोहम्मद नजमुल इस्लाम ने एएनआई को बताया कि भारत और बांग्लादेश के बीच यात्री ट्रेन कनेक्शन अगस्त 2024 में निलंबित कर दिए गए थे। हालांकि, दोनों देशों के बीच मालगाड़ी सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी हैं।

ये तीन यात्री ट्रेन होती थीं संचालित

  • यात्री सेवाएं बंद होने से पहले भारत और बांग्लादेश के बीच तीन प्रमुख ट्रेनें चलती थीं। इनमें मैत्री एक्सप्रेस , बंधन एक्सप्रेस और मिताली एक्सप्रेस शामिल थीं।
  • मैत्री एक्सप्रेस ढाका कैंटोनमेंट और कोलकाता के चितपुर के बीच चलती थी।
  • बंधन एक्सप्रेस बांग्लादेश के खुलना से कोलकाता के बीच संचालित होती थी।
  • मिताली एक्सप्रेस ढाका कैंटोनमेंट और न्यू जलपाईगुड़ी के बीच चलती थी।

बैठक के बाद होगा फैसला

भारत-बांग्लादेश के बीच होने वाली इस अंतर-सरकारी रेलवे बैठक (IGRM) में यात्री ट्रेन सेवाओं की बहाली अहम मुद्दा है। बांग्लादेश रेलवे के अधिकारी ने कहा कि ट्रेन सेवाएं कब से शुरू होंगी और कौन-कौन सी सेवाएं पहले बहाल की जाएंगी, इसका फैसला बैठक के बाद ही होगा।
बैठक में भारत की ओर से रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्रैफिक) हिस्सा ले रहे हैं। वहीं, बांग्लादेश की ओर से रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं।

मालगाड़ियों का संचालन जारी

अधिकारियों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच मालगाड़ी सेवाएं कभी बंद नहीं हुईं और अभी भी सुचारू रूप से चल रही हैं। IGRM बैठक में वित्तीय भुगतान और बकाया, सीमा पार चलने वाली ट्रेनों का हिसाब-किताब, सालाना लेखा-जोखा, परिचालन क्षमता, रेलवे कोच और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होती है।

जुलाई के बाद बंद हुईं सेवाएं

भारत-बांग्लादेश के बीच रेल संपर्क जुलाई 2024 में बांग्लादेश में शुरू हुए व्यापक नागरिक अशांति के बाद प्रभावित हुआ था। इसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 5 अगस्त 2024 को पद छोड़ दिया और भारत आ गईं। इसके बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में भी तनाव बढ़ा।
शेख हसीना के भारत में रहने और उनके प्रत्यर्पण की बांग्लादेश की मांग को लेकर भी दोनों देशों के बीच मतभेद रहे। इसके बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश में अंतरिम सरकार बनी थी।

नई सरकार के बाद उम्मीद बढ़ी

22 फरवरी 2026 को हुए आम चुनाव के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की जीत हुई और तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार बनी। इसके बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में यात्री कनेक्टिविटी को लेकर भी उम्मीदें बढ़ी हैं।

भारत ने 27 जून से बांग्लादेशी नागरिकों के लिए टूरिस्ट वीजा जारी करना फिर शुरू किया था। ऐसे में दोनों देशों के बीच बंद यात्री ट्रेन सेवाओं को दोबारा शुरू करने की मांग भी तेज हो रही है।

अगर IGRM बैठक में सहमति बनती है, तो मैत्री एक्सप्रेस, बंधन एक्सप्रेस और मिताली एक्सप्रेस जैसी सेवाओं की बहाली से दोनों देशों के बीच यात्रियों की आवाजाही आसान हो सकती है।

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