भोपाल पैदल मार्च कर रहे सीहोर के आदिवासी:सीएम से मिलेंगे, वन विभाग की कार्रवाई में 12 परिवार बेघर

Updated on 15-10-2026
भोपाल, सीहोर जिले के कोसमी गांव में 12 आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने के विरोध में खिवनी अभयारण्य क्षेत्र के 35 से अधिक गांवों के आदिवासी गुरुवार को भोपाल पहुंचेंगे।

वे मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलकर वन विभाग की कार्रवाई पर अपना पक्ष रखेंगे और जमीन से जुड़े दस्तावेज दिखाएंगे। कोसमी में इस कार्रवाई के विरोध में तीन दिन से धरना चल रहा है।

वन विभाग ने 11 अक्टूबर को कोसमी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। इस दौरान आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े गए और एक कुएं को मिट्टी से भर दिया गया।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पीड़ित परिवारों से मिलने कोसमी पहुंचे थे। उन्होंने वन विभाग की कार्रवाई को अत्याचार की पराकाष्ठा बताया था। इसके विरोध में धरना भी दिया था।

बैनर लिए नारे लगाते आगे बढ़ रहे

प्रदर्शनकारी आदिवासी हाथों में बैनर और तख्तियां लिए हुए अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे हैं। तख्तियों और बैनर पर मांगों और सरकार से न्याय की गुहार से जुड़े नारे लिखे हुए हैं।

जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई, पट्टे और मुआवजे की मांग

आंदोलन में शामिल रमेश बारेला ने बताया कि उनकी प्रमुख मांग है कि कार्रवाई के जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों को पद से हटाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। जिन जमीनों पर वे वर्षों से खेती कर रहे थे, उनका पट्टा दिया जाए।

प्रभावित परिवारों के रहने, भोजन और स्वास्थ्य की व्यवस्था करने के साथ फसलों के नुकसान का मुआवजा भी दिया जाए। बारेला का कहना है कि आदिवासी परिवार बाहर से आकर नहीं बसे हैं, बल्कि पीढ़ियों से इसी वन क्षेत्र में रहते आए हैं। जंगल उनकी आजीविका का आधार है। मकान टूटने से 12 परिवार बेघर हो गए हैं।

35 से अधिक गांवों में खेती रोकने का आरोप

आदिवासी समाज का आरोप है कि खिवनी अभयारण्य क्षेत्र के 35 से अधिक गांवों में जनजातीय किसानों को खेती करने से रोका जा रहा है। इससे खेती पर निर्भर परिवारों की आजीविका संकट में है।

समाज ने इटावा खुर्द, जामुल झील पानी, पांगरी, छापरी, कोसमी, सनकोटा, नवलगांव, भीलखेड़ा, कुरी, बसंतपुर, लावापानी, बोरपानी, डोंगला पानी, बेड़ापानी, सिराली, बावड़ी खेड़ा, अमीरगंज, सुरई, खजूरी, आमाझिर, चतरकोटा, ठीकरी खेड़ा, यारनगर, मथार, भूरीटेक कावड़, ढाबा, पाट तलाई, भिलाई, मोगरा खेड़ा, भूराखेड़ा, सेवनिया, मंजाखेड़ी छाप, मोगली भुराट, गाडरीपुरा, झोलियापुरा और बीलपाटी समेत कई गांवों का जिक्र किया है।



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