भोपाल। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी की भूमि का मालिकाना हक रहवासियों को स्वामित्व योजना के माध्यम से दिया जाएगा। रजिस्ट्री का वित्तीय भार सरकार स्वयं उठाएगी। रजिस्ट्री निश्शुल्क कराई जाएगी। इसमें प्रयास होगा कि रजिस्ट्री महिला के नाम पर हो।
प्रदेश में लगभग 46 लाख रहवासियों को इसका लाभ मिलेगा, जिस पर सरकार लगभग तीन हजार करोड़ रुपये व्यय करेगी। इस योजना पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में लिया जाएगा। सरकार ने बजट सत्र में आबादी भूमि का मालिकाना हक रहवासियों के पक्ष में करने के लिए रजिस्ट्री निश्शुल्क कराने की घोषणा की थी। इसके लिए वित्तीय प्रविधान भी रखा गया है
इस योजना को मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं में रखा गया है। पिछले दिनों इसकी तैयारियों की समीक्षा भी की गई थी। सूत्रों का कहना है कि रजिस्ट्री होने के बाद एक बड़ा कार्यक्रम किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों प्रमाण पत्र दिलवाए जाएंगे। कैबिनेट की बैठक में इसके अलावा विभिन्न योजनाओं की निरंतरता को लेकर निर्णय लिया जाएगा।