पानी लाने की मशक्कत से मिली मुक्ति
घर तक पानी पहुंचने का सबसे अधिक लाभ महिलाओं को मिला है। पहले गर्मी और बरसात के दिनों में भी उन्हें पानी के लिए घर से दूर जाना पड़ता था। इसमें सुबह का काफी समय बीत जाता था। अब पानी लाने की मशक्कत से राहत मिलने के साथ घरेलू कामकाज, बच्चों की देखभाल और आजीविका संबंधी गतिविधियों के लिए अधिक समय मिल रहा है।
पानी की चिंता हुई दूर
एडपाल की वार्ड पंच बुदरी मंडावी और ग्रामीण महिला जोगी मरकाम बताती हैं कि घर में नल लगने से पानी की चिंता दूर हुई है। महिलाएं अब सब्जी बाड़ी, वनोपज संग्रहण और खेती-किसानी के कामों में अधिक समय दे पा रही हैं। बच्चों को भी पानी लाने में समय लगाने के बजाय पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय मिल रहा है।
पानी की शुद्धता भी जांच रही गांव की महिलाएं
इन गांवों में पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी भी महिलाओं ने संभाली है। इसके लिए गठित ‘जल वाहिनी’ समूह की प्रशिक्षित महिलाएं फील्ड टेस्ट किट से पानी की नियमित जांच कर रही हैं। इससे ग्रामीणों में स्वच्छ पेयजल के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ जलजनित बीमारियों से बचाव के प्रयासों को भी बल मिल रहा है।
पूरे परिवार की रोजमर्रा जिंदगी हुई आसान
डोडपाल में आयोजित ‘ग्राम जल उत्सव’ में ग्रामीणों ने घर-घर पेयजल सुविधा मिलने पर खुशी जताई। जल जीवन मिशन से दूरस्थ वनांचल के गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचने से महिलाओं और बच्चों सहित पूरे परिवार की रोजमर्रा की जिंदगी आसान हो रही है।