रायपुर। विवेकानंद नगर स्थित ज्ञानवल्लभ उपाश्रय में आयोजित सर्वमंगलमय वर्षावास 2026 के तहत 21 दिवसीय दादा गुरुदेव इकतीसा जाप जारी है। जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक समाज एवं चातुर्मास समिति विवेकानंद नगर की ओर से आयोजित यह धार्मिक अनुष्ठान 9 अक्टूबर तक चलेगा। ज्ञानवल्लभ उपाश्रय के ऊपरी तल में स्थापित मंगल कलश,गुरु प्रतिमा,अखंड ज्योत एवं तोरण के समक्ष प्रतिदिन जाप किया जा रहा है। चातुर्मास में प्रतिदिन प्रवचन सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन जारी है।
मुनि संवेगरत्न सागर ने कहा कि मनुष्य बाहरी सुख-सुविधाओं की तलाश में अपने भीतर की शांति को भूल जाता है। आत्मा की वास्तविक उन्नति आत्मचिंतन, संयम, तप और त्याग से होती है। जीवन में कषायों का क्षय जितना होगा, आत्मा उतनी ही निर्मल होती जाएगी। धार्मिक अनुष्ठानों का उद्देश्य केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर झांककर आत्मशुद्धि की दिशा में आगे बढ़ता है।
श्रावकों द्वारा प्रतिदिन इकतीसा जाप
श्रावकों द्वारा प्रतिदिन रात 8 से 9 बजे तक दादा गुरुदेव इकतीसा जाप किया जा रहा है। जाप में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को एंट्री के समय कूपन भी दिए जा रहे हैं। प्रतिदिन तीन लक्की ड्रॉ निकाले जा रहे हैं और विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जा रहे हैं। साथ ही अन्य सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए जा रहे हैं। समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर जाप और साधना का लाभ लेने की अपील की है।
आत्मा की उन्नति से उद्यमिता तक कार्यक्रम
चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन अलग-अलग विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सुबह 6.09 से 7.09 बजे तक ‘आत्मा की उत्क्रांति’, सुबह 8.45 से 9.45 बजे तक आचार्य वीरभद्राचार्य द्वारा रचित आतुर प्रत्याख्यान ग्रंथ पर आधारित ‘वीतराग वचनामृत’, सुबह 10.09 से 11.09 बजे तक ‘क्या कसूर है मेरा?’ तथा दोपहर 3.09 से 4.09 बजे तक ‘आत्म प्रक्षालन’ कार्यक्रम जारी है।
शाम 7 बजे से सांध्य प्रतिक्रमण और रात 8.45 से 9.30 बजे तक ‘Veer Ventures’ कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है।