शामली केस: दिल्‍ली में तैयार हुआ था चांदनी से आयुष मलिक का निकाहनामा, पिता ने कहा- बेटे की घर वापसी का इंतजार

Updated on 08-06-2026
शामली: उत्‍तर प्रदेश के शामली में चर्चित धर्म परिवर्तन मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। कारोबारी और केमिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक के कथित धर्मांतरण को लेकर दर्ज मुकदमे में पुलिस ने आरोपी युवती चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के पुलिस छापेमारी कर रही है। देवराज ने अपने बेटे के घर वापसी की इच्छा जताई है, लेकिन आयुष और परिवार का जीवन खतरे में न पड़े, इसलिए पुलिस से लिखित में कोई शिकायत नहीं की है।

एसपी शामली नरेंद्र प्रताप सिंह ने NBT ऑनलाइन से हुई बातचीत में बताया कि युवती और उसके पिता की गिरफ्तारी के बाद देवराज मलिक ने पुलिस के समक्ष अपने बेटे की घर वापसी की इच्छा जाहिर की थी, लेकिन उन्होंने लिखित कुछ नहीं दिया। हालांकि देवराज मालिक की शिकायत पर 9 नामजद ओर दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। इसलिए पूरी कोशिश की जा रही है कि उनको उनके बेटे से मिला दिया जाए।


इन लोगों पर दर्ज हुआ केस

देवराज मलिक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी, भाई आस मोहम्मद, बहनों राहिल, सुमाइला और राबिया, काजीवाड़ा निवासी हुमा, सलीम उर्फ भोला, मौलवी मुनव्वर तथा दो अज्ञात मौलवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इन सभी ने सुनियोजित तरीके से उनके बेटे को अपने प्रभाव में लेकर धर्म परिवर्तन कराया।


फिजियोथेरेपी सेंटर पर हुई थी चांदनी से पहली मुलाकात

पुलिस जांच के अनुसार, आयुष मलिक और चांदनी की मुलाकात कई साल पहले हुई थी। वर्ष 2018 में आयुष के कंधे में चोट लगने के बाद वह फिजियोथेरेपी के लिए जाता था, जहां चांदनी काम करती थी। यहीं से दोनों के बीच परिचय बढ़ा। बाद में आयुष जिस जिम में जाने लगा, वहां भी चांदनी प्रशिक्षक के रूप में काम करने लगी। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं ओर मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान हुआ।

चांदनी का भाई देवराज के स्टोर पर करता था काम

पुलिस का दावा है कि इसके बाद चांदनी के भाई आस मोहम्मद ने आयुष के मेडिकल स्टोर पर नौकरी शुरू कर दी। धीरे-धीरे दुकान और निजी जीवन में ऐसे लोगों की मौजूदगी बढ़ी जो चांदनी के संपर्क में थे। जांच अधिकारियों का मानना है कि इसी नेटवर्क के माध्यम से आयुष को प्रभावित किया गया।


धर्मांतरण के बाद रखे दो नाम

एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, आरोप है कि वर्ष 2023-24 के दौरान आयुष को दिल्ली ले जाकर एक कथित फर्जी निकाहनामा तैयार कराया गया और धर्म परिवर्तन कराया गया। पुलिस का कहना है कि धर्म परिवर्तन के बाद उसका नाम बदलकर पहले मोहम्मद अली और बाद में रहमान रखा गया। जांच में यह भी सामने आया है कि वह मुस्लिम वेशभूषा अपनाने लगा था और नियमित रूप से नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद जाने लगा था।


पाकिस्‍तान के इस्लामी विद्वान से हुआ प्रभावित

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आयुष को विभिन्न धार्मिक स्थलों, मस्जिदों और दरगाहों पर भी ले जाया गया। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि उसे पाकिस्तान के इस्लामी विद्वान डॉ. इसरार अहमद के भाषण सुनने के लिए प्रेरित किया गया था। अधिकारियों के अनुसार आयुष लगातार उनके वीडियो देखता था और उनके विचारों से प्रभावित हो गया था। हालांकि अब तक पाकिस्तान में किसी व्यक्ति से सीधे संपर्क या चैटिंग के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं।


करोड़ों की संपत्ति है आयुष के नाम

मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू आयुष के परिवार की आर्थिक स्थिति भी है। पुलिस के अनुसार, देवराज मलिक शहर के प्रतिष्ठित मेडिकल व्यवसायी हैं और उनके दो बड़े मेडिकल स्टोर संचालित होते हैं। करोड़ों रुपये की संपत्ति, मकान, वाहन और व्यावसायिक प्रतिष्ठान परिवार के पास हैं, जिनमें से काफी संपत्ति आयुष के नाम बताई जा रही है। पुलिस का मानना है कि संपत्ति भी पूरे विवाद और आरोपों का एक प्रमुख बिंदु हो सकती है। फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य नामजद और अज्ञात आरोपियों की तलाश जारी है।

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