भारत से तेल मंगा रहा रूस, पहुंच चुकी है पहली खेप, कैसे बह रही है यह उल्टी गंगा
Updated on
12-08-2026
नई दिल्ली: भारत सबसे ज्यादा कच्चा तेल रूस से मंगा रहा है लेकिन पहली बार रूस को भारत से पेट्रोल मंगाना पड़ रहा है। असर में यूक्रेन के हमलों के कारण उसकी रिफाइनरीज का कामकाज प्रभावित हुआ है। इस कारण देश में स्थानीय स्तर पर पेट्रोल की भारी कमी हो गई है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक रूस ने पहली भारत से पेट्रोल का आयात किया है। भारत अपनी जरूरत का 88 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है लेकिन वह पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का बड़ा एक्सपोर्टर है।केप्लर के अनुसार रूस के भारत से पेट्रोल की पहली खेप 5 अगस्त को मिली थी। अभी भारत से और भी खेप आ सकती हैं। भारतीय की घरेलू प्रोसेसर नायरा एनर्जी लिमिटेड ने रूस को पेट्रोल की सप्लाई की है। इस कंपनी में रूस की टॉप ऑयल प्रोड्यूसर कंपनी रोसनेफ्ट का निवेश है। इस ईंधन को मिस्र के पास ट्रांसफर के जरिए रूसी लिंक वाले टैंकरों की एक चेन के जरिए भेजा जा रहा है।क्यों हुई कमी?
रूसी रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमले और पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट में उथलपुथल मची हुई है। इससे तेल की आपूर्ति कम हो गई है और रूस को घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोल और डीजल का निर्यात रोकना पड़ा है। उल्टा उसे भारत जैसे देशों से पेट्रोल आयात करना पड़ा है। यूक्रेन के हमलों के कारण रूस की प्रोसेसिंग कैपेसिटी में काफी गिरावट आई है।ब्लूमबर्ग के शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक रूस के झंडे वाले प्रोडक्ट टैंकर साइक्लोन ने 18 जून को भारत के पश्चिमी तट पर स्थित वाडिनार रिफाइनरी से 42,000 टन पेट्रोल लोड किया। 6 जुलाई को इसे मिस्र के भूमध्यसागरीय तट पर स्थित डामिएटा पोर्ट पर ओमान के झंडे वाले गार्नेट जहाज में ट्रांसफर किया गया। वह जहाज अगस्त की शुरुआत में रूस पहुंचा।और बढ़ रही है खेप
प्रोडक्ट टैंकर Varg ने भी 6 जुलाई को वाडिनार में लगभग 40,000 टन फ्यूल लोड किया और जुलाई के आखिर में डामिएटा में शिप-टू-शिप ट्रांसफर किया। अभी तक किसी ऐसे जहाज की पुष्टि नहीं हुई है जिसने यह खेप ली हो। हालांकि केप्लर को मुताबिक इसे Beast को ट्रांसफर किया गया जो अटलांटिक से होते हुए उत्तर की ओर बढ़ रहा है।
एक और प्रोडक्ट टैंकर कैमरून के झंडे वाला Photon 13 जुलाई को वाडिनार से रवाना हुआ। डेटा से पता चला कि बाद में उसने 28-29 जुलाई को डामिएटा में अपना पेट्रोल कार्गो रूस के झंडे वाले Talisman जहाज में ट्रांसफर कर दिया।
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