पाकिस्तानी सेना ने खून से लाल किया PoK, 40 मौतों के बाद जनाजे के लिए रोकी गई रैली, JAAC का नया ऐलान

Updated on 30-07-2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सेना ने कब्जे वाले कश्मीर की धरती खून से लाल कर दी है। असीम मुनीर के आदेश पर प्रदर्शनकारियों पर भयानक गोलीबारी की गई है। प्रदर्शन करने वाली पार्टी JAAC (जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी) ने पिछले तीन दिनों की रैली में कम से कम 40 लोगों के मारे जाने की बात कही है। JAAC नेता उमर नजीर कश्मीरी ने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं और चल रहे विरोध-प्रदर्शन के दौरान मिलिट्री-ग्रेड हथियारों का इस्तेमाल किया है
पाकिस्तानी सेना ने उमर नजीर कश्मीरी के सगे भाई की भी गोली मारकर हत्या कर दी है। 40 लोगों के मारे जाने के बाद उमर नजीर कश्मीरी ने कहा है कि मुजफ्फराबाद की ओर मार्च को अंतिम संस्कार और दफनाने की प्रक्रिया के लिए कुछ समय के लिए रोक दिया गया है लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा है कि जनाजे की प्रक्रिया पूरी होने के ठीक बाद फिर से विरोध-प्रदर्शन और रैलियां शुरू हो जाएंगी।

पीओके में पाकिस्तानी सेना ने किया कत्लेआम

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पिछले 2 महीने से प्रदर्शन चल रहे हैं जिसे कुचलने के लिए असीम मुनीर की आर्मी ने बेरहमी की हर हदों को पार कर दिया है। पाकिस्तानी सेना ने पीओके को जंग के मैदान में तब्दील कर दिया है और निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध फायरिंग की गई हैं। पीओके में पिछले 2 महीने में 100 से ज्यादा लोगों की पाकिस्तानी सेना ने हत्या कर दी है। पाकिस्तान सरकार के खिलाफ एक कश्मीरी महिला ने भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वहां के निवासियों का समर्थन करने और उनकी आवाज को बुलंद करने की अपील की है।न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीरी ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पिछले तीन दिनों में करीब 40 लोगों की मौत हुई है जिनमें से करीब 20 मौतें मीरपुर में हुईं। हालांकि उन्होंने कहा कि मरने वालों की सही संख्या की पुष्टि अभी नहीं हुई है। उन्होंने कहा 'हमें लगभग 40 लोगों के शहीद होने की खबर मिली है। मीरपुर में भी करीब 20 लोग शहीद हुए हैं। अभी पक्की संख्या पता नहीं है लेकिन इन तीन दिनों में कुल मिलाकर लगभग 40 लोग शहीद हुए हैं। हमारे सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।'
कश्मीरी ने यह भी आरोप लगाया कि PoK में आम नागरिकों के खिलाफ उन हथियारों का इस्तेमाल किया गया है जिनका इस्तेमाल आमतौर पर 'लाइन ऑफ कंट्रोल' पर किया जाता है। उन्होंने कहा 'ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया जिनका इस्तेमाल 'लाइन ऑफ कंट्रोल' पर होना चाहिए या भारत के खिलाफ़ किया जाता है। जम्मू-कश्मीर के निहत्थे लोगों के खिलाफ़ आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया।'

जनाजे के लिए रोकी गई मुजफ्फराबाद के लिए रैली

कश्मीरी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने अपना शांतिपूर्ण लॉन्ग मार्च जारी रखने की कोशिश की थी और बड़ी संख्या में लोग मुजफ्फराबाद की सीमा से आगे बढ़ गए थे। उन्होंने कहा 'हमने अपनी शांतिपूर्ण लंबी मार्च जारी रखने की कोशिश की जो कुछ समय के लिए रुक गई थी। शांतिपूर्ण तरीके से हमारे लाखों लोग मुजफ्फराबाद की सीमा पार करके आगे बढ़े।' उन्होंने बताया कि बाद में मार्च को रोक दिया गया क्योंकि गोलीबारी में मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार और दफनाने की प्रक्रिया पूरी करनी थी।
कश्मीरी ने आगे दावा किया कि पिछले 52 से 53 दिनों में मरने वालों की कुल संख्या लगभग 100 तक पहुंच गई है जबकि इस दौरान इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा 'इंटरनेट बंद होने के बावजूद अलग-अलग रास्तों से खबरें किसी तरह बाहरी दुनिया तक पहुंच रही हैं। पिछले 52-53 दिनों में लगभग 100 लोगों की जान गई है।'

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