होर्मुज स्ट्रेट में टोल पर ईरान को बड़ा झटका, शिपिंग पर फीस के विरोध को मिला 60 देशों का साथ

Updated on 14-10-2026
तेहरान: ईरान के होर्मुज स्ट्रेट में टोल लगाने के विचार को दुनिया के बड़े हिस्से ने नकार दिया है। 60 से ज्यादा देशों ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले जहाजों पर किसी तरह की फीस लगाने का विरोध किया है। यूरोपीय संघ ने सोमवार को इसकी जानकारी दी है। यह घोषणा होर्मुज जलडमरूमध्य से ट्रैफिक की आवाजाही में चल रही दिक्कतों के बीच की गई है। ईरान ने होर्मुज से जहाजों की आवाजाही को कंट्रोल किया है और यहां से गुजरने वाले जहाजों से गुजरने वाले जहाजों से फीस की मांग की है।

यूरोपीय संघ के सभी सदस्य देशों और ऑस्ट्रेलिया, जापान, यूके, कनाडा और सिंगापुर समेत 33 देशों के समर्थन वाली इस पहल का मकसद अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नेविगेशन (समुद्री यात्रा) की आजादी की रक्षा करना है। इसमें उन कदमों के खिलाफ चेतावनी दी गई है, जो अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले जलडमरूमध्य से कमर्शियल जहाजों की आवाजाही को रोक सकते हैं।

यूरोपीय संघ ने क्या कहा है

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने इस पहल की घोषणा करते हुए कहा, 'देशों को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट को कमाई या राजनीतिक फायदे का जरिया बनाने की कोशिशों का विरोध करना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन सभी के लिए खुला रहना चाहिए, ना कि सिर्फ उनके लिए जो पैसे दे सकते हैं। आज 60 देशों ने हमारे 'नो फीस, नो टोल्स'ग्लोबल संकल्प में शामिल होकर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट पर टोल का विरोध करने का वादा किया है।'

अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्य पानी के वे संकरे रास्ते हैं, जो बड़े समुद्रों और महासागरों को जोड़ते हैं। ये ग्लोबल ट्रेड के लिए बहुत जरूरी हैं क्योंकि जहाज इनका इस्तेमाल देशों के बीच तेल, नेचुरल गैस, खाने-पीने की चीजों और दूसरे सामान को लाने-ले जाने के लिए करते हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य के संकेट ने इस ओर दुनिया का ध्यान खींचा है। अमेरिका-इजरायल के हमले के विरोध में ईरान ने होर्मुज पर नियंत्रण किया है।
यह उन सभी लोगों के लिए एक साफ डिप्लोमैटिक संकेत है, जो अपने फायदे के लिए जलमार्गों पर कब्जा चाहते हैं। मैं उन सभी देशों का शुक्रिया अदा करती हूं, जिन्होंने इसमें हिस्सा लिया। मैं दूसर देशों को हमारे साथ जुड़ने के लिए आमंत्रित करती हूं।
काजा कल्लास

अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला

EU के समर्थन वाले इस घोषणापत्र में समुद्र से जुड़ी गतिविधियों को नियंत्रित करने वाले समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन (UNCLOS) का जिक्र है। इसमें कहा गया है कि देशों को ऐसे शुल्क, प्रतिबंध या पहले से मंजूरी लेने की जरूरतें लागू नहीं करनी चाहिए, जो अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्य में आवाजाही में बाधा डालें।
घोषणापत्र में कहा गया कि हम ऐसे किसी भी उपाय का कड़ा विरोध करते हैं, जो समुद्री रास्तों से ट्रैफिक को रोकते हैं। इन देशों ने समुद्री सुरक्षा और नेविगेशन के लिए नियमों पर आधारित व्यवस्था की रक्षा के लिए इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ मिलकर काम करने का भी वादा किया है।

होर्मुज स्ट्रेट क्यों अहम

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम जलमार्गों में से एक है। ईरान और ओमान के बीच स्थित यह गलियारा फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। अमेरिका-इजरायल गठबंधन और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने से पहले दुनियाभर में सप्लाई होने वाले तेल और लिक्विफ़ाइड नेचुरल गैस का तकरीबन पांचवां हिस्सा इसी जलडमरूमध्य से गुजरता था।
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने ऐलान कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण है। तेहरान ने मांग की है कि वहां से गुजरने के लिए भुगतान किया जाए। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर के सलाहकार मोहम्मदरेजा ने कहा है कि जिन ट्रांजिट रूट को ईरान गैर-कानूनी मानता है, उन्हें जल्द ही बंद कर दिया जाएगा।

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