गैस के दाम 70% तक उछलने का डर, यूरोप के ल‍िए गोल्डमैन सैक्‍श की चेतावनी का भारत के लिए मतलब

Updated on 27-09-2026
नई दिल्‍ली: जुलाई के बाद से यूरोप में नेचुरल गैस की कीमतें लगभग 70% बढ़ गई हैं। कारण है मिडिल ईस्ट से LNG सप्लाई में रुकावट। साथ ही नॉर्थवेस्ट यूरोप में गैस स्टोरेज का कम लेवल। ये दोनों चीजें एक साथ हो रही हैं। गोल्डमैन सैक्श रिसर्च का अनुमान है कि 2026 की चौथी तिमाही में यूरोप में LNG की कीमतें औसतन 70 यूरो प्रति MWh (Megawatt-hou) होंगी। हालांकि, पर्शियन गल्फ से एक्सपोर्ट में तेजी से सुधार होने पर कीमतों में भारी गिरावट आने के आसार हैं।

भारत का इस घटनाक्रम से सीधा कनेक्‍शन है। भारत एलएनजी का बड़ा आयातक है। हाल में भारतीय एनर्जी कंपनियों ने स्पॉट मार्केट में LNG के लिए कई सालों में सबसे ज्‍यादा कीमतें चुकाई है। वजह यह है कि ईरान युद्ध की वजह से इस फ्यूल की सप्लाई में रुकावट आ रही है।

कीमत ऊंची बने रहने की आशंका

गोल्डमैन सैक्श रिसर्च के मुताबिक, 21 सितंबर को यूरोप में LNG की कीमतें 73 यूरो/MWh तक पहुंच गईं। वहीं, इस गर्मी से पहले ये कीमतें 30-60 यूरो/MWh के दायरे में थीं। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष से जुड़े बदलते हालात के बीच कीमतें अस्थिर रही हैं। इसमें हाल ही में 10% से ज्‍यादा की गिरावट भी शामिल है।

गोल्डमैन सैक्श को उम्मीद है कि चौथी तिमाही में कीमतें औसतन 70 यूरो/MWh होंगी। ये उसके पहले के 53 यूरो/MWh के अनुमान से ज्‍यादा है। गोल्डमैन सैक्श में ग्लोबल कमोडिटीज रिसर्च की को-हेड सामंथा डार्ट ने कहा कि ज्‍यादा अनुमान यह दिखाता है कि हालिया तेजी के कारण डिमांड में जो कमी आई है, उसे आने वाले महीनों में भी जारी रहने की जरूरत है।
बैंक के अनुसार, पर्शियन गल्फ से LNG एक्सपोर्ट अभी भी युद्ध से पहले के लेवल का सिर्फ 15%-25% है। होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई में सुधार के बिना यूरोप में कीमतों को दूसरी जगहों पर LNG खरीदारों से मुकाबला करने के लिए और बढ़ाना पड़ सकता है।

कीमतों में बढ़ सकता है उतार-चढ़ाव

हालात तापमान पर भी काफी हद तक निर्भर करेंगे। कारण है कि नवंबर में यूरोप में हीटिंग का मौसम शुरू हो रहा है। गोल्डमैन सैक्श का अनुमान है कि सर्दियों का तापमान नेचुरल गैस की डिमांड को स्टोरेज क्षमता के लगभग 12% तक बदल सकता है।
नॉर्थवेस्ट यूरोप में गैस स्टोरेज उम्मीद से धीमी रफ्तार से भर रहा है। अगर यह मान लिया जाए कि सर्दियों का तापमान 10 साल के औसत के आसपास रहता है तो गोल्डमैन सैक्श को उम्मीद है कि मार्च 2027 के अंत तक इन्वेंट्री सिर्फ 19% भरी होगी।

बैंक का अनुमान है कि अगर सर्दियां औसत से एक स्टैंडर्ड डेविएशन ज्‍यादा ठंडी होती हैं तो सर्दियों की औसत कीमत का अनुमान लगभग 75% बढ़ सकता है। इसके उलट अगर सर्दियां एक स्टैंडर्ड डेविएशन ज्‍यादा गर्म होती हैं तो सर्दियों की कीमत का अनुमान लगभग 30% कम हो सकता है।

इस तरह आ सकती है भारी गिरावट

कीमतों से जुड़े जोखिम एकतरफा नहीं हैं। गोल्डमैन सैक्श का अनुमान है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच नए समझौते से होर्मुज स्‍ट्रेट से LNG की सप्लाई बढ़ती है तो यूरोप में कीमतें तेजी से गिर सकती हैं।

ऐसी स्थिति में सर्दियों में सबसे ज्‍यादा मांग वाले समय में कीमतें लगभग 50 यूरो/MWh तक पहुंच सकती हैं। यह मौजूदा स्तर से काफी कम है। साथ ही, 2027 की शुरुआत में कीमतें और भी गिर सकती हैं।

गोल्डमैन सैक्श ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच जून में हुए समझौते के बाद चार हफ्तों के भीतर इस स्‍ट्रेट से LNG की सप्लाई सामान्य स्तर के लगभग 10% से बढ़कर 39% हो गई थी।

LNG सप्लाई कीमतों पर डाल सकती है असर

गोल्डमैन सैक्श को लंबे समय में स्थिति काफी अलग रहने की उम्मीद है। अमेरिका और कतर में LNG उत्पादन की नई क्षमता विकसित होने से ग्‍लोबल LNG मार्केट में सप्लाई जरूरत से ज्‍यादा हो सकती है।

बैंक का अनुमान है कि 2030-2035 के दौरान यूरोप में नेचुरल गैस की कीमतें औसतन 19 यूरो/MWh तक गिर सकती हैं। हालांकि, लंबे समय का यह अनुमान इस बात पर निर्भर करता है कि होर्मुज स्‍ट्रेट खुला रहे और LNG की सप्लाई सामान्य हो जाए।

फिलहाल, गोल्डमैन सैक्श का कहना है कि यूरोप में औद्योगिक उपभोक्ताओं ने काफी हद तक हेजिंग (कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाव) रोक दी है। कारण है कि सर्दियों की मौजूदा कीमतें आकर्षक नहीं हैं। वहीं, निवेशक कीमतों में अचानक बदलाव की संभावना को देखते हुए सीधे 'लॉन्ग पोजीशन' (भविष्य में कीमत बढ़ने की उम्मीद में निवेश) लेने में सावधानी बरत रहे हैं।

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