'डोनाल्ड ट्रंप' भैंसे की बांग्लादेश में नहीं दी जाएगी कुर्बानी, तारिक रहमान सरकार ने लिया फैसला, अमेरिका से डरे?

Updated on 28-05-2026
ढाका: बांग्लादेश में सरकार के दखल के बाद एक भैंसे को बकरीद की कुर्बानी से बचा लिया गया है। अपने सुनहरे बालों की वजह से 'डोनाल्ड ट्रंप' नाम से मशहूर इस भैंसे को गुरुवार को होने वाली बकरीद की कुर्बानी के लिए बेच दिया गया था। इस भैंसे की कुर्बानी को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, तभी अधिकारियों ने इस जानवर को लेकर लोगों की बढ़ती दिलचस्पी का हवाला देते हुए दखल दिया। अब इस भैंसे को नेशनल जू में भेज दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने भैंसे को कुर्बानी से बचाए जाने का आदेश दिया था। अहमद ने कहा कि खरीदार को पैसे वापस कर दिए जाएं और जानवर को सरकारी देखरेख में ढाका के राष्ट्रीय चिड़ियाघर में भेज दिया जाये। मंत्रालय एक अधिकारी ने बताया कि आखिरी समय में सुरक्षा चिंताओं और लोगों की असाधारण दिलचस्पी को देखते हुए भैंसे को कुर्बानी से बचाने का फैसला लिया गया।

भैंसा कैसे बना खास?

यह 700 किलोग्राम का सुनहर बालों वाला जानवर एक दुर्लभ एल्बिनो भैंसा है। इसके सिर पर हल्के रंग के बालों का गुच्छा है, जो बिल्कुल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खास अंदाज जैसा दिखता है। इसके चलते इसे डोनाल्ड ट्रंप नाम से इंटरनेट पर मशहूर हो चुका था।

हालांकि, यह बकरीद की कुर्बानी के लिए जानवरों की एक सामान्य खरीद थी, लेकिन देखते ही देखते यह पूरे देश में चर्चा का विषय बना गया। सोशल मीडिया पर इस जानवर के वीडियो वायरल होने लगे। बात सोशल मीडिया से आगे बढ़ने लगी और ढाका के पास नारायणगंज स्थित फार्म पर इस भैंसे की झलक पाने के लिए पहुंचने देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहुंचने लगे।

कैसे पड़ा डोनाल्ड ट्रंप निकनेम?

फार्म के मालिक जियाउद्दीन ने बताया कि इस भैंसे को यह निकनेम उनके भाई ने दिया था। उन्होंने पाया कि भैंसे के माथे पर सुनहरे बाल अमेरिकी राष्ट्रपति के हेयर स्टाइल से काफी मिलते हैं। चार साल के इस एल्बिनो भैंसे को 10 महीने पहले खरीदा गया था। इसकी खास देखभाल की जाती थी, जिसमें नियमित रूप से खाना खिलाना और बार-बार नहलाना शामिल है। हालांकि, उन्होंने बकरीद से पहले इस भैंसे को बेच दिया था

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