पहले यह बैठक केवल मुख्य सचिव लेने वाले थे, लेकिन मुख्यमंत्री ने स्वयं उपस्थित रहने की बात कही। इसके बाद कार्यक्रम में बदलाव कर नई कार्ययोजना तैयार की गई है।
इस बार की कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की खास बात यह होगी कि इसमें पहले की तरह 71 बिंदुओं के लंबे एजेंडे पर चर्चा नहीं होगी। बैठक को अनावश्यक लंबा खींचने के बजाय जरूरी और सटीक (पिन-पॉइंटेड) बिंदुओं पर ही निश्चित समय में समीक्षा की जाएगी।
मुख्य सचिव कार्यालय ने इस संबंध में सभी विभागों को दिशा-निर्देश जारी कर विभागीय कार्यों की प्रगति रिपोर्ट (Progress Report) तलब की है।