भोपाल। मध्य प्रदेश में दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार नई रणनीति पर काम कर रही है। अरहर, उड़द और मसूर जैसी प्रमुख फसलों के लिए अलग-अलग क्लस्टर बनाकर किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। कृषि विभाग की यह योजना मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए पेश की जाएगी।
नई योजना के तहत प्रदेश में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर आधारित मॉडल अपनाया जाएगा। अरहर, उड़द और मसूर की खेती के लिए अलग-अलग क्षेत्रों की पहचान कर वहां किसानों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी।
क्लस्टर क्षेत्रों में किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, खाद और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
सरकार इन तीनों दलहनी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी सुनिश्चित करेगी, जिससे किसानों को बाजार में बेहतर कीमत मिल सकेगी और उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
कैबिनेट बैठक में महिला एवं बाल विकास, लोक निर्माण समेत कई विभागों की योजनाओं को 2031 तक जारी रखने के प्रस्ताव भी स्वीकृति के लिए रखे जाएंगे।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को अचल संपत्ति का ब्योरा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक माह की अतिरिक्त मोहलत दी है। अब अधिकारी जून तक अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।