एक पहल, एक बदलावर प्रशासन ने बचाया किशोरी का बचपन और भविष्य

Updated on 12-06-2026

सुकमा। जिले के दूरस्थ ग्राम कडयुपारा (मांडुपारा) सिरसेट्टी में एक 14 वर्षीय बालिका का विवाह 15 जून को होने वाला था, लेकिन समय रहते प्रशासन की सजगता ने उसके भविष्य को सुरक्षित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। बाल विवाह की सूचना मिलते ही कलेक्टर अमित कुमार के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड लाइन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गांव पहुंची। जांच में पता चला कि स्थानीय परंपरा और सामाजिक रीति-रिवाज़ के तहत नाबालिग बालिका का विवाह तय किया गया था और इसके लिए तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं।

संयुक्त टीम ने बालिका, उसके परिजनों और समुदाय के लोगों से संवाद स्थापित कर बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों की संवेदनशील समझाइश और निरंतर प्रयासों का सकारात्मक असर हुआ। बालिका के परिवार ने समझदारी का परिचय देते हुए विवाह स्थगित करने की सहमति दी, वहीं स्वयं बालिका ने भी अपनी शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए इस निर्णय का समर्थन किया। प्रशासन द्वारा घोषणा पत्र एवं पंचनामा तैयार कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।

यह कार्रवाई केवल एक बाल विवाह रोकने तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक किशोरी के सपनों, शिक्षा और अधिकारों की रक्षा का उदाहरण बनी। प्रशासन, चाइल्ड लाइन, पुलिस विभाग और ग्राम पंचायत के समन्वित प्रयासों ने यह संदेश दिया कि समाज की परंपराओं के साथ-साथ बच्चों के अधिकार और उनका सुरक्षित भविष्य भी सर्वाेपरि है। समय पर हस्तक्षेप से एक बालिका को कम उम्र में विवाह के बंधन में बंधने से बचाया गया और उसे अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिला।  

इस कार्यवाही के दौरान मनीषा शर्मा संरक्षण अधिकारी (गैर संस्थागत देखरेख), रविन्द्र घृतलहरे संरक्षण अधिकारी (संस्थागत देखरेख) रश्मि चन्द्रवंशी सेक्टर सुपरवाइजर, जोगेंद्र दिर्दाे सामाजिक कार्यकर्ता, मनोज एक्का चाइल्ड लाइन सुपरवाइजर, अंजलि वेट्टी आउटरिच वर्कर, देवे मिश्रा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पुलिस विभाग से सुमित तिर्की, सामनाथ नाग थाना केरलपाल, ग्राम सरपंच बुधरा पोडियामी एवं ग्राम सचिव जुबराज सरकार उपस्थित रहे।



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