सीएम के लिए आ रहा है आसमान का नया किंग, 250 करोड़ रुपए का है यह चमचमाता जेट, देसी 'अटक' रहे, विदेशी पायलट उड़ाएंगे कुछ दिन
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25-09-2026
भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार के लिए कनाडा से भोपाल आ रहा बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 विमान को लेकर हर दिन नई-नई जानकारी सामने आ रही हैं। डीजीसीए के कड़े नियमों, पायलटों की री-ट्रेनिंग और इस हाई-टेक विमान के प्रोटोकॉल को लेकर यह बात सामने आई है कि फिलहाल भारतीय पायलटों को इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा।जमीनी स्तर पर एक्टिव रहते हैं सीएम
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मंत्रालय के वल्लभ भवन में बैठने की बजाए जमीनी स्तर पर निरीक्षण करने और जायजा लेने अक्सर निकल जाया करते हैं। वे अक्सर ही अलग-अलग जिलों के प्रवास पर रहते हैं, इसलिए त्वरित गति का इस्तेमाल करने के लिए इस विमान का भी उपयोग किया जाएगा।सुपर-मिड साइज है यह बिजनेस जेट
6,297 किलोमीटर की नॉन-स्टॉप रेंज, हवा में उड़ता आलीशान विमान और 250 करोड़ की कीमत वाला सुपर-मिड साइज बिजनेस जेट 'बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500' अब मध्य प्रदेश के आसमान पर उड़ते रहेगा। मुख्यमंत्री जैसे अति-विशिष्ट और संवेदनशील पद की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए राज्य सरकार हर कदम बेहद फूंक-फूंक कर उठा रही है। कनाडा से उड़ान भरने को तैयार यह विमान 30 सितंबर तक भोपाल पहुंचने वाला है, लेकिन इससे पहले इसकी हर तकनीकी बारीकी को परखा जा रहा है।देसी पायलट अटक रहे
फिलहाल यह जानकारी सामने आई है कि इस हाई-टेक जेट को आसमान में उतारने के लिए भेजे गए दोनों भारतीय पायलट जब अपनी पहली कोशिश में कठिन टेस्ट पूरी तरह पास नहीं कर पाए, तो सुरक्षा से कोई समझौता न करते हुए उन्हें दोबारा गहन ट्रेनिंग दिलाई गई। अब ये दोनों पायलट सह-पायलट की भूमिका निभाएंगे। जबकि विमान की मुख्य कमान एक अनुभवी विदेशी पायलट के हाथों में होगी।विदेशी पायलट फिलहाल उड़ाएंगे
विमानन नियमों के मुताबिक इसके लिए 'फॉरेन एयरक्रू टेम्परेरी ऑथराइजेशन' (FATA) की मंजूरी ली गई है। विमान नियम 1937 और डीजीसीए के कड़े मानकों के तहत 65 वर्ष से कम आयु और बड़े विमानों का कम से कम दो हजार घंटे का अनुभव रखने वाले विदेशी पायलट ही ऐसे विमानों को संभाल सकते हैं, जिसकी वैधता दिसंबर 2026 तक है।टर्बुलेंस को भी देता है मात
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के पुराने टर्बोप्रॉप विमान के मुकाबले यह नया विमान लगभग 50 प्रतिशत तेज और आधुनिक सुविधाओं से लैस यह जेट 45 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़कर टर्बुलेंस को मात देता है। इसकी 870 किमी/घंटा की रफ्तार इसे भोपाल से सीधे टोक्यो तक पहुंचाने में सक्षम है। सुरक्षा और तकनीकी जांच के तमाम कड़े दौर से गुजरने के बाद यह वीवीआईपी जेट मुख्यमंत्री के सुरक्षित और आरामदायक दौरों का नया सारथी बनने जा रहा है। पुराने टर्बोप्रॉप विमान की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत तेज और आधुनिक सुविधाओं से लैस इस जेट को उतरने के लिए कम से कम 5,500 फीट लंबे रनवे की जरूरत होगी, जिससे यह भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और खजुराहो सहित चुनिंदा हवाई पट्टियों पर ही संचालित हो सकेगा।
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