NMC के रडार पर मध्य प्रदेश के 5 मेडिकल कॉलेज, परिसर में नहीं लगाए सीसीटीवी; आयोग ने थमाया नोटिस

Updated on 09-07-2026
भोपाल। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग यानी एनएमसी ने पढ़ाई की गुणवत्ता और अस्पताल प्रबंधन की निगरानी के लिए देश भर के सभी मेडिकल कॉलेजों को अपने कमांड एंड कट्रोल सेंटर से जोड़ा है। इसके लिए तय हुआ था कि सभी मेडिकल कॉलेज निर्धारित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाकर आयोग को उसकी लाइव फीड उपलब्ध कराएंगे।प्रदेश के पांच सरकारी मेडिकल कालेज इस आदेश की नाफरमानी कर रहे हैं।

इन कॉलेजाें ने नहीं माना आदेश

एनएमसी ने देश भर के उन 70 मेडिकल कॉलेजों की सूची जारी की है, जिन्होंने अभी तक यह आदेश लागू नहीं किया। इस सूची में प्रदेश के गजराराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर, श्याम शाह मेडिकल कॉलेज रीवा, डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय शासकीय मेडिकल कॉलेज रतलाम, शासकीय मेडिकल कॉलेज शहडोल और शासकीय मेडिकल कॉलेज श्योपुर शामिल हैं।
एनएमसी ने कहा कि इन कालेजों को कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन फिर भी नियमों का पालन नहीं किया गया है।

कंट्रोल सेंटर से जोड़ना है अनिवार्य

दरअसल, एनएमसी के यूजीएमएसआर-2023 और पीजीएमएसआर-2023 संशोधन के अनुसार प्रत्येक मेडिकल कॉलेज के परिसर में 25 निर्धारित जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य है। एनवीआर लगाकर 30 दिन तक का वीडियो रिकार्ड सुरक्षित रखना जरूरी है। लाइव फीड एनएमसी के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ना है।
एनएमसी का कहना है कि इसका मकसद एमबीएस की पढ़ाई, परीक्षा और अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा में पारदर्शिता लाना है। इसके लिए एनएमसी वर्ष 2022 से लगातार पत्राचार कर रहा है।

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